अर्धकुंभ को पूर्णकुंभ या महाकुंभ की संज्ञा देकर शासन और प्रशासन जहां तैयारियों में जुटा है, वहीं अखाड़े और आश्रम से कुछ लोग समय-समय पर बयान जारी कर पूरी तैयारी को असमंजस में डाल रहे हैं। इससे न केवल मेला प्रशासन सकते में आ रहा है, बल्कि तरह-तरह की चर्चाएं भी आम हो रही हैं।